therapy Nagpur

“Man staring at multiple reflections symbolizing narcissistic personality, later receiving therapy.”

“हर बात ‘मैं’, ‘मुझे’, ‘मेरे बारे में’ — जब इंसान सिर्फ खुद को ही देखने लगता है”

🌿 परिचय (Introduction): आपने ऐसे लोगों को ज़रूर देखा होगा जो हमेशा अपनी ही बात करते हैं — हर बातचीत में “मैं”, “मुझे”, “मेरे साथ”… जो दूसरों की बातों को काटकर अपनी कहानी शुरू कर देते हैं, और जब कोई उनकी आलोचना करे, तो बुरी तरह नाराज़ हो जाते हैं। ऐसे लोग सिर्फ आत्मविश्वासी नहीं …

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“सब कुछ होते हुए भी अंदर से खाली क्यों महसूस होता है?”

“डॉक्टर साहब, सब कुछ है… फिर भी मन खुश नहीं रहता। ये क्यों हो रहा है?” मैं अक्सर अपने क्लिनिक में ये बात सुनता हूँ। अच्छी नौकरी है, परिवार ठीक है, कोई बड़ी परेशानी नहीं — फिर भी एक अंदर से खालीपन, बेचैनी या ‘अधूरापन’ बना रहता है। यह सिर्फ एक भावना नहीं है। ये …

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